गौ माता के 108 नाम!!

💥☀️।। गौ माता के 108 नाम ।।☀️💥
●~•••~•••~•••~•••~•••~•••~•••~•••~●

गौमाता की महिमा अपरंपार है। मनुष्य अगर जीवन में गौमाता को स्थान देने का संकल्प कर ले तो वह संकट से बच सकता है। मनुष्य को चाहिए कि वह गाय को मंदिरों और घरों में स्थान दे, क्योंकि गौमाता मोक्ष दिलाती है। पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि गाय की पूंछ छूने मात्र से मुक्ति का मार्ग खुल जाता है।  गाय की महिमा को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता। मनुष्य अगर गौमाता को महत्व देना सीख ले तो गौमाता उनके दुख दूर कर देती है। गाय हमारे जीवन से जु़ड़ी है। उसके दूध से लेकर मूत्र तक का उपयोग किया जा रहा है। गौमूत्र से बनने वाली दवाएं बीमारियों को दूर करने के लिए रामबाण मानी जाती हैं।

गौमाता को शास्त्रो में कई नामो से वर्णित किया गया है। आज आपको वो 108 नाम बता रहा हु।

  1. कपिला
  2. गौतमी
  3. सुरभी
  4. गौमती
  5. नंदनी
  6. श्यामा
  7. वैष्णवी
  8. मंगला
  9. सर्वदेव वासिनी
  10. महादेवी
  11. सिंधु अवतरणी
  12. सरस्वती
  13. त्रिवेणी
  14. लक्ष्मी
  15. गौरी
  16. वैदेही
  17. अन्नपूर्णा
  18. कौशल्या
  19. देवकी
  20. गोपालिनी
  21. कामधेनु
  22. आदिति
  23. माहेश्वरी
  24. गोदावरी
  25. जगदम्बा
  26. वैजयंती
  27. रेवती
  28. सती
  29. भारती
  30. त्रिविद्या
  31. गंगा
  32. यमुना
  33. कृष्णा
  34. राध
  35. मोक्षदा
  36. उतरा
  37. अवधा
  38. ब्रजेश्वरी
  39. गोपेश्वर
  40. कल्याणी
  41. करुणा
  42. विजया
  43. ज्ञानेश्वरी
  44. कालिंदी
  45. प्रकृति
  46. अरुंधति
  47. वृंदा
  48. गिरिजा
  49. मनहोरणी
  50. संध्या
  51. ललिता
  52. रश्मि
  53. ज्वाला
  54. तुलसी
  55. मल्लिका
  56. कमला
  57. योगेश्वरी
  58. नारायणी
  59. शिवा
  60. गीता
  61. नवनीता
  62. अमृता अमरो
  63. स्वाहा
  64. धंनजया
  65. ओमकारेश्वरी
  66. सिद्धिश्वरी
  67. निधि
  68. ऋद्धिश्वरी
  69. रोहिणी
  70. दुर्गा
  71. दूर्वा
  72. शुभमा
  73. रमा
  74. मोहनेश्वरी
  75. पवित्रा
  76. शताक्षी
  77. परिक्रमा
  78. पितरेश्वरी
  79. हरसिद्धि
  80. मणि
  81. अंजना
  82. धरणी
  83. विंध्या
  84. नवधा
  85. वारुणी
  86. सुवर्णा
  87. रजता
  88. यशस्वनि
  89. देवेश्वरी
  90. ऋषभा
  91. पावनी
  92. सुप्रभा
  93. वागेश्वरी
  94. मनसा
  95. शाण्डिली
  96. वेणी
  97. गरुडा
  98. त्रिकुटा
  99. औषधा
  100. कालांगि
  101. शीतला
  102. गायत्री
  103. कश्यपा
  104. कृतिका
  105. पूर्णा
  106. तृप्ता
  107. भक्ति
  108. त्वरिता